आरव ने झुककर गीली किताब उठाई। उसका कवर पूरी तरह भीग चुका था। "यह तो गीली हो गई," उसने अफसोस से कहा।
मीरा की आँखें नम हो गईं। उसने धीरे से कहा, "तुम्हें पता है, मैं भी तुम्हें देखती थी। हर रोज़ खिड़की के पास खड़े उस लड़के को। मैं सोचती थी, काश यह ट्रेन कभी खत्म न हो।" Hindi Sex Story in girls voice very sexy part 5 target
मीरा ने किताब अपने सीने से लगा ली और कहा, "हाँ, आरव। हमेशा के लिए।" "तुम्हें पता है
वह लड़की, जिसके हाथ में हमेशा एक पुरानी सी किताब होती थी, आरव के सामने वाले डिब्बे में चढ़ती। उसके लंबे बाल अक्सर उसके चेहरे पर आ जाते, और वह उन्हें बार-बार हटाती। आरव ने उसका नाम 'किताब वाली लड़की' रख दिया था। वह उसका नाम तक नहीं जानता था, लेकिन उसकी शाम उसके बिना अधूरी लगती। प्लेटफॉर्म गीले थे
एक दिन बारिश ने पूरे मुंबई को भिगो दिया। ट्रेनें लेट थीं, प्लेटफॉर्म गीले थे, और लोग परेशान थे। आरव हमेशा की तरह खड़ा था, तभी उसने देखा—वह लड़की दौड़ती हुई आ रही थी, लेकिन उसका पैर फिसल गया। उसकी किताब गीले फर्श पर गिर गई, और वह खुद भी लगभग गिर ही गई थी कि आरव ने उसका हाथ पकड़ लिया।